राजस्थान में विधानसभा चुनाव से पहले आजतक ने राज्य की नब्ज टटोलने का काम किया. आजतक के खास कार्यक्रम 'पंचायत आजतक' में गुरुवार को राजस्थान चुनाव से जुड़े तमाम मुद्दों पर चर्चा हुई. कार्यक्रम के चौथे सत्र 'किसका होगा राजस्थान' में बीजेपी नेता व जयपुर के पूर्व राजघराने से ताल्लुक रखने वाली दिया कुमारी, कांग्रेस की प्रवक्ता रागिनी नायक और राजपूत समाज की आवाज उठाने का दावा करने वाली करणी सेना के नेता लोकेंद्र सिंह कालवी के बीच जोरदार बहस हुई. बहस के दौरान कालवी ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि हम कसम राम की खाते हैं, बीजेपी को हराएंगे.
बहस की शुरुआत करते हुए बीजेपी नेता दिया कुमारी ने कहा कि जितना काम पांच साल में हुआ, उतना कभी नहीं हुआ था. स्वास्थ्य महकमे में और सड़क को लेकर जितना काम हुआ है, वह पहले नहीं हुआ. जब मैं कांग्रेस के शासन में एक स्वास्थ्य केंद्र के दौरे पर गई थी, तब वहां मरीज नहीं जानवर ज्यादा थे. लेकिन अब वहां हालात बेहतर हैं. बीते पांच सालों में हर एमएलए ने मेहनत की. इन पांच सालों में जिसने विकास किया, जनता उसे जिताएगी.
लेकिन जब उनसे पूछा गया कि उनका टिकट क्यों कट गया तो उन्होंने कहा- मैंने पार्टी से कहा था कि मुझे निजी कारणों के चलते चुनाव नहीं लड़ना था. पार्टी मुझे टिकट देना चाहती थी. अगर आगे पार्टी टिकट देगी, तो मैं चुनाव लड़ूंगी. दिया कुमारी ने कहा कि अगर मेरा टिकट कटा होता तो क्या मैं इतने जोरशोर से चुनाव प्रचार करती? इस पर रागिनी ने कहा कि कई बार ऐसा भी होता है.
क्या राजपूत समाज ब्लैकमेल करेगा?
राजपूत समाज की आवाज बुलंद करने का दावा करने वाली करणी सेना से जब पूछा गया कि क्या आप बीजेपी को ब्लैकमेल करेंगे तो जवाब में इस सेना के नेता लोकेंद्र सिंह कालवी ने कहा- करणी सेना की आवाज बुलंद है. लेकिन बीजेपीवाले राजपूत समाज से क्या चाहते हैं? राजपूतों ने गुलामी की हद तक बीजेपी का साथ दिया, लेकिन आज राजपूत समाज की क्या अहमियत है?
दिल्ली में बैठे लोगों में राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं थी. यही वजह थी कि राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात के अलावा फिल्म पद्मावत देशभर में रिलीज हुई. क्या पद्मावत के मामले पर हम और आप (दिया कुमारी) अमित शाह से नहीं मिले थे? राजपूतों को समझाने के लिए कई कॉन्क्लेव हो रहे हैं. कांग्रेस ने राजपूतों को समझाने के लिए कमिटी बनाई है. मैं बीमार था, तब दोनों राष्ट्रीय अध्यक्षों (कांग्रेस और बीजेपी) ने मेरा हालचाल पूछा. तब मैंने समझा कि मेरा नहीं राजपूत समाज का हालचाल पूछ रहे हैं. कांग्रेस की प्रवक्ता रागिनी नायक ने भी कहा कि राजपूतों के मन में बीजेपी को लेकर आक्रोश है और बीजेपी की ओर से टिकट देने में धांधली हुई है.
'वसुंधरा आडवाणी मोड में आएंगी'
करणी सेना के नेता लोकेंद्र सिंह कालवी ने दावा किया कि वसुंधरा राजे पूर्व उप राष्ट्रपति भैरों सिंह शेखावत की 'क्रिएशन' हैं. उन्होंने वसुंधरा का नाम लिए बिना कहा कि कई लोग राजपूत होने का क्लेम कर रहे हैं. गौरतलब है कि वसुंधरा कई बार यह बयान दे चुकी हैं कि वह राजपूत की बेटी हैं और जाट परिवार की बहू. इस पर भी कालवी ने तंज किया.
उन्होंने कहा कि राजपूत समाज के कई लोग विजातीय विवाह का विरोध करते रहे हैं. उन्होंने दावा किया- चुनाव के बाद वसुंधरा राजे आडवाणी मोड में आएंगी. कालवी यहीं नहीं रुके. उन्होंने दिया कुमारी की तरफ इशारा करते हुए कहा कि सवाई माधोपुर की विधायिका मोदी मोड में आ जाएंगी. कालवी ने कहा- अजमेर उपचुनाव में बीजेपी हारी. नाम बदनाम हुआ राजपूत समाज का. उन्होंने राजपूत समाज से अपील करते हुए कहा- मैं तो कहता हूं कि सभी 36 कौमें वोट की चोट दें. मैं बीजेपी को सवाई माधोपुर में हरवा दूंगा.
Thursday, November 29, 2018
Tuesday, November 13, 2018
पंचतत्व में विलीन हुए अनंत कुमार, शाह-आडवाणी-राजनाथ रहे मौजूद
केंद्रीय मंत्री और दिग्गज बीजेपी नेता अनंत कुमार का सोमवार को एक निजी अस्पताल में निधन हो गया था. वह पिछले काफी समय से कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे. आज बेंगलुरु में उनका अंतिम संस्कार किया गया. इस दौरान यहां उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह, वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह समेत केंद्र सरकार के कई मंत्री और बीजेपी के दिग्गज नेता मौजूद रहे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को ही बेंगलुरू पहुंच कर अनंत कुमार को श्रद्धांजलि दी थी, इस दौरान उन्होंने उनके परिवार से भी मुलाकात की थी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सोमवार को वाराणसी से सीधे बेंगलुरू आए और उन्हें श्रद्धांजलि दी. अनंत कुमार की अचानक मृत्यु से हर कोई काफी हैरान नज़र आ रहा है.
बेंगलुरू दक्षिण सीट से सांसद 59 वर्षीय कुमार ने श्री शंकरा कैंसर अस्पताल और अनुसंधान केन्द्र में देर रात करीब दो बजे अंतिम सांस ली. अनंत कुमार का पार्थिव शरीर सोमवार को दिन भर उनके आवास पर रखा गया.
गौरतलब है कि अनंत कुमार के निधन के शोक में सोमवार को राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहा. इसके अलावा कर्नाटक सरकार ने भी राज्य में राजकीय शोक का ऐलान किया था.बेंगलुरू के बेहद प्रिय सांसद को अंतिम विदाई और श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए कुमार के आवास पर भाजपा नेताओं, रिश्तेदारों, मित्रों के अलावा तमाम लोगों का तांता लगा हुआ था.
अनंत कुमार के बारे में...
1987 में राजनीति में आए कुमार महज 38 साल की उम्र में वाजपेयी कैबिनेट में पहली बार 1998 में केन्द्रीय मंत्री बने. उसके बाद से ही वह हमेशा भाजपा में महत्वपूर्ण व्यक्तित्व बने रहे, फिर चाहे वह अटल बिहारी वाजपेयी के वक्त में हो या वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेन्द्रमोदी के समय पर.
वह पार्टी की केन्द्रीय और राज्य ईकाइयों के बीच हमेशा बेहद महत्वपूर्णसंपर्क सूत्र रहे. छह बार के सांसद के निधन पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया. अनंत कुमार के निधन के बाद राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री समेत सभी राजनीतिक दलों के नेताओंने शोक व्यक्त किया.
महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अबु आजमी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ सोमवार को विवादित टिप्पणी की. आजमगढ़ का नाम आर्यगढ़ करने की चर्चा को लेकर उन्होंने मोदी और योगी के खिलाफ विवादित बयानों की झड़ी लगाई.
आजमी ने कहा, 'आजमगढ़ को आजम शाह साहब ने बसाया था, योगी के बाप ने नहीं बसाया था.' आजमी ने प्रधानमंत्री मोदी के बारे में कहा, '2019 में मोदी को वापस गुजरात जाना पड़ेगा, धोबी का कुत्ता न घर का होता है न घाट का.'
अभी हाल ही में इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज किया गया है. उसके बाद फैजाबाद का नाम बदलकर अयोध्या किया गया. आगे भी कई शहरों के नाम बदलने की तैयारी है. इस बारे में बीजेपी विधायक संगीत सोम ने कहा कि अभी कई शहरों के नाम बदले जाएंगे. मुजफ्फरनगर का नाम बदलकर लक्ष्मीनगर लोगों की पहले से ही मांग है. मुजफ्फरनगर नाम एक नवाब मुजफ्फर अली के नाम पर रखा गया था. लोगों की मांग है कि इसका नाम लक्ष्मीनगर किया जाए.
शहरों के नाम बदले जाने को लेकर पार्टियों का विरोध जारी है. कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने सोमवार को कहा, 'बीजेपी भारत का गौरव नहीं समझती, न तो उसकी पहचान समझती है. बीजेपी न तो भारत का चरित्र समझती है और न ही उसकी परिभाषा.'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को ही बेंगलुरू पहुंच कर अनंत कुमार को श्रद्धांजलि दी थी, इस दौरान उन्होंने उनके परिवार से भी मुलाकात की थी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सोमवार को वाराणसी से सीधे बेंगलुरू आए और उन्हें श्रद्धांजलि दी. अनंत कुमार की अचानक मृत्यु से हर कोई काफी हैरान नज़र आ रहा है.
बेंगलुरू दक्षिण सीट से सांसद 59 वर्षीय कुमार ने श्री शंकरा कैंसर अस्पताल और अनुसंधान केन्द्र में देर रात करीब दो बजे अंतिम सांस ली. अनंत कुमार का पार्थिव शरीर सोमवार को दिन भर उनके आवास पर रखा गया.
गौरतलब है कि अनंत कुमार के निधन के शोक में सोमवार को राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहा. इसके अलावा कर्नाटक सरकार ने भी राज्य में राजकीय शोक का ऐलान किया था.बेंगलुरू के बेहद प्रिय सांसद को अंतिम विदाई और श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए कुमार के आवास पर भाजपा नेताओं, रिश्तेदारों, मित्रों के अलावा तमाम लोगों का तांता लगा हुआ था.
अनंत कुमार के बारे में...
1987 में राजनीति में आए कुमार महज 38 साल की उम्र में वाजपेयी कैबिनेट में पहली बार 1998 में केन्द्रीय मंत्री बने. उसके बाद से ही वह हमेशा भाजपा में महत्वपूर्ण व्यक्तित्व बने रहे, फिर चाहे वह अटल बिहारी वाजपेयी के वक्त में हो या वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेन्द्रमोदी के समय पर.
वह पार्टी की केन्द्रीय और राज्य ईकाइयों के बीच हमेशा बेहद महत्वपूर्णसंपर्क सूत्र रहे. छह बार के सांसद के निधन पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया. अनंत कुमार के निधन के बाद राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री समेत सभी राजनीतिक दलों के नेताओंने शोक व्यक्त किया.
महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अबु आजमी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ सोमवार को विवादित टिप्पणी की. आजमगढ़ का नाम आर्यगढ़ करने की चर्चा को लेकर उन्होंने मोदी और योगी के खिलाफ विवादित बयानों की झड़ी लगाई.
आजमी ने कहा, 'आजमगढ़ को आजम शाह साहब ने बसाया था, योगी के बाप ने नहीं बसाया था.' आजमी ने प्रधानमंत्री मोदी के बारे में कहा, '2019 में मोदी को वापस गुजरात जाना पड़ेगा, धोबी का कुत्ता न घर का होता है न घाट का.'
अभी हाल ही में इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज किया गया है. उसके बाद फैजाबाद का नाम बदलकर अयोध्या किया गया. आगे भी कई शहरों के नाम बदलने की तैयारी है. इस बारे में बीजेपी विधायक संगीत सोम ने कहा कि अभी कई शहरों के नाम बदले जाएंगे. मुजफ्फरनगर का नाम बदलकर लक्ष्मीनगर लोगों की पहले से ही मांग है. मुजफ्फरनगर नाम एक नवाब मुजफ्फर अली के नाम पर रखा गया था. लोगों की मांग है कि इसका नाम लक्ष्मीनगर किया जाए.
शहरों के नाम बदले जाने को लेकर पार्टियों का विरोध जारी है. कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने सोमवार को कहा, 'बीजेपी भारत का गौरव नहीं समझती, न तो उसकी पहचान समझती है. बीजेपी न तो भारत का चरित्र समझती है और न ही उसकी परिभाषा.'
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